51 वर्ष की कांती यादव ने टीजीटी परीक्षा पास कर पेश की मिसाल

  • गृहस्थी संभालते हुए हासिल की सफलता
  • मेहनत और अनुशासन से पूरा किया सपना
  • महिलाओं और युवाओं के लिए बनीं प्रेरणा

अंबेडकरनगर। सफलता उम्र की मोहताज नहीं होती, बल्कि दृढ़ इच्छाशक्ति, अनुशासन और निरंतर प्रयास उसका आधार बनते हैं। इसका सशक्त उदाहरण अकबरपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम कटांत मजीसा की निवासी 51 वर्षीय कांती यादव ने प्रस्तुत किया है। गृहस्थी की जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए उन्होंने उत्तर प्रदेश एजुकेशन सर्विस सेलेक्शन कमीशन (UPESSC) की टीजीटी (प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक) परीक्षा में सफलता प्राप्त कर नई मिसाल कायम की है।

गृहस्थी की जिम्मेदारियों के बीच नहीं छोड़ा लक्ष्य
कांती यादव, पत्नी विजेंद्र यादव, ग्राम कटांत मजीसा, पोस्ट रामपुर राम पट्टी बरियावन की निवासी हैं। परिवार की जिम्मेदारियों के साथ उन्होंने घर पर रहकर नियमित अध्ययन जारी रखा। सीमित समय और घरेलू कार्यों के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया और कठिन परिश्रम के बल पर प्रतियोगी परीक्षा में सफलता अर्जित की।
मेहनत, धैर्य और अनुशासन का मिला प्रतिफल
टीजीटी परीक्षा में मिली सफलता उनके वर्षों के सतत प्रयास और आत्मविश्वास का परिणाम है। उन्होंने यह साबित किया कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत निरंतर हो, तो परिस्थितियां भी सफलता की राह नहीं रोक सकतीं।
क्षेत्र में खुशी, लोगों ने दी शुभकामनाएं
कांती यादव की सफलता से परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल है। परिजनों, शुभचिंतकों और ग्रामीणों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उनकी उपलब्धि उन महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है, जो पारिवारिक दायित्वों के साथ अपने सपनों को साकार करने का साहस रखती हैं।

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