अम्बेडकरनगर। संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्ट्रेट में बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जो 18 जुलाई से 2 अक्टूबर 2026 तक चौबीसों घंटे संचालित रहेगा।
नियंत्रण कक्ष का उद्देश्य नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखना, बाढ़ से जुड़ी सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान करना और जरूरत पड़ने पर राहत व बचाव कार्यों को समय से शुरू कराना है।
आपात स्थिति में 1077 पर दे सकेंगे सूचना
जिला प्रशासन ने बाढ़ संबंधी सूचना और आपात स्थिति के लिए आपदा हेल्पलाइन नंबर 1077 जारी किया है। नागरिक इस टोल फ्री नंबर पर बाढ़, जलभराव या अन्य आपदा से जुड़ी जानकारी दे सकेंगे।
प्रशासन ने नियंत्रण कक्ष में तैनात कर्मचारियों को प्राप्त होने वाली हर सूचना को पंजिका में दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। किसी भी क्षेत्र से बाढ़, जलस्तर बढ़ने या जनहानि की सूचना मिलने पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल अवगत कराया जाएगा।
हर दो घंटे में लिया जाएगा नदियों के जलस्तर का अपडेट
नियंत्रण कक्ष के कर्मचारी बाढ़ संभावित गांवों के लेखपाल, ग्राम विकास अधिकारी, पंचायत अधिकारी और ग्राम प्रधानों से लगातार संपर्क बनाए रखेंगे। क्षेत्र की स्थिति की नियमित जानकारी जुटाई जाएगी।
इसके अलावा सिंचाई विभाग से हर दो घंटे पर नदियों के जलस्तर की जानकारी ली जाएगी। इसे गेज रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा। किसी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने पर इसकी सूचना तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को दी जाएगी।
चकबंदी अधिकारी को सौंपी गई जिम्मेदारी
जिला प्रशासन ने चकबंदी अधिकारी महेंद्र प्रताप को बाढ़ नियंत्रण कक्ष का प्रभारी बनाया है। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ज्योत्स्ना बंधु ने बताया कि उच्चाधिकारी कभी भी नियंत्रण कक्ष की व्यवस्था का निरीक्षण कर सकते हैं।









