मुंबई। IIT बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के मामले में संस्थान ने प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला को छुट्टी पर भेज दिया है। साहिल के परिवार ने डूला पर आत्महत्या के लिए उकसाने और जातिगत भेदभाव से जुड़े आरोप लगाए हैं। इन आरोपों की जांच फिलहाल पुलिस और संस्थान दोनों स्तरों पर चल रही है। IIT बॉम्बे ने मामले की परिस्थितियों की जांच के लिए 10 सदस्यीय हाईलेवल कमेटी भी गठित की है। कमेटी को एक सप्ताह में रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।
21 सितंबर को डीन पद से हटाए गए थे डूला
साहिल की मौत के बाद IIT बॉम्बे ने 21 सितंबर को प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला को डीन ऑफ एडमिनिस्ट्रेटिव अफेयर्स के पद से हटा दिया था। अब बोर्ड ऑफ गवर्नर्स ने उन्हें छुट्टी पर जाने को कहा है। यह कार्रवाई उस समय हुई है, जब साहिल की मौत को लेकर परिवार और छात्रों की ओर से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की जा रही है।
मौत की परिस्थितियों की जांच करेगी 10 सदस्यीय कमेटी
IIT बॉम्बे के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स ने मामले की जांच के लिए 10 सदस्यीय कमेटी बनाई है। इसकी अध्यक्षता IIT पलक्कड़ के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन प्रो. रमेश वेंकटेश्वरन करेंगे। कमेटी में छात्रों के साथ फैकल्टी, प्रशासन और अन्य विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया है।
कमेटी साहिल की मौत से पहले की परिस्थितियों, उससे जुड़े घटनाक्रम और लगाए गए आरोपों की जांच करेगी। रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर सौंपे जाने की बात कही गई है। इसके बाद जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा।
परिवार ने कहा- कमेटी से ज्यादा निष्पक्ष जांच और न्याय चाहिए
साहिल के पिता रविंद्र वाकोडे ने FIR में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। परिवार का कहना है कि उन्हें सिर्फ संस्थान की कमेटी से ज्यादा निष्पक्ष जांच और अपने बेटे के लिए न्याय चाहिए।
पिता ने सवाल उठाया कि FIR में नाम होने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई। परिवार ने मामले में कार्रवाई की जानकारी उन्हें नहीं दिए जाने पर भी सवाल उठाए हैं।
मुंबई क्राइम ब्रांच कर रही मामले की जांच
साहिल की मौत के मामले की जांच मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है। जांच एजेंसी घटनाक्रम की पूरी टाइमलाइन तैयार करने के लिए CCTV फुटेज और दूसरे डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। परीक्षा हॉल, कैंपस और हॉस्टल से जुड़े फुटेज भी जांच का हिस्सा हैं।
क्राइम ब्रांच ने साहिल के परिवार के बयान भी दर्ज किए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक प्रोफेसर डूला को पूछताछ के लिए भी बुलाया गया है। पुलिस जांच के आधार पर FIR में नामजद लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।
18 सितंबर को हॉस्टल में मिला था साहिल का शव
साहिल वाकोडे 18 सितंबर को IIT बॉम्बे के हॉस्टल के कमरे में मृत मिले थे। वह दूसरे वर्ष के BTech छात्र थे। उनकी मौत से पहले परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर एक घटनाक्रम सामने आया था। इसके बाद परिवार ने साहिल के साथ जातिगत भेदभाव और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए। IIT बॉम्बे ने इन आरोपों से इनकार किया था और कहा था कि साहिल की ओर से SC-ST सेल या संस्थान के प्रशासन के पास ऐसी कोई शिकायत नहीं की गई थी।
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पांच दिन तक छात्रों ने किया प्रदर्शन
साहिल की मौत के बाद छात्रों ने IIT बॉम्बे परिसर के बाहर लगातार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों की ओर से मामले की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और संस्थान की जवाबदेही से जुड़ी मांगें उठाई गईं। प्रदर्शन के बीच संस्थान के बाहर सुरक्षा भी बढ़ाई गई।
मामले में अभी संस्थान की कमेटी और मुंबई क्राइम ब्रांच दोनों की जांच जारी है। इसलिए साहिल की मौत के कारणों और आरोपों से जुड़ी अंतिम स्थिति जांच रिपोर्ट और पुलिस की कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगी।









