अंबेडकरनगर। एक मकान, एक परिवार और दस्तावेजों में बदलता नाम… आलापुर के आमादरवेशपुर में पैतृक मकान को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पुलिस की जांच तक पहुंच गया है। शिकायतकर्ता हरिओम का आरोप है कि नसीरपुर निवासी राममनोज का नाम पहले बैनामे में दर्ज था, लेकिन बाद के अभिलेखों में वह मनोज दुबे बन गया। परिवार रजिस्टर से लेकर 2023 में जारी प्रमाणपत्र तक नाम दर्ज होने को लेकर सवाल उठाए गए हैं। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने प्रधान/प्रशासक अभिमन्यु मौर्य, पूर्व प्रधान संतरा देवी और सचिव समेत आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
पहला दस्तावेज : 2010 के बैनामे में पता नसीरपुर
हरिओम के मुताबिक, उनके पिता राधेश्याम दुबे और मां राजकुमारी की मृत्यु हो चुकी है। वह आमादरवेशपुर स्थित पैतृक मकान में रहते हैं। शिकायत में 26 अक्तूबर 2010 के बैनामे का हवाला दिया गया है।
हरिओम का कहना है कि इस बैनामे में राममनोज का पता नसीरपुर दर्ज है। यहीं से विवाद की दस्तावेजी कहानी शुरू होती है।
दूसरा दस्तावेज : परिवार रजिस्टर में नाम हुआ मनोज दुबे
शिकायतकर्ता का आरोप है कि बाद में राममनोज का नाम आमादरवेशपुर के परिवार रजिस्टर में मनोज दुबे के रूप में दर्ज कर दिया गया। इतना ही नहीं, उनकी पत्नी लक्ष्मी का नाम भी परिवार रजिस्टर में दर्ज होने की बात सामने आई।
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27 मई 2017 की प्रविष्टि को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायत के अनुसार, तत्कालीन ग्राम प्रधान संतरा देवी ने इस प्रविष्टि की पुष्टि की थी।









