जमानत के बाद भी जेल में बंद हैं तो विधिक सेवा प्राधिकरण करेगा मदद

जिला कारागार में विधिक साक्षरता शिविर, नशे के दुष्प्रभाव बताए; बंदियों की समस्याएं भी सुनीं

अंबेडकरनगर। जिला कारागार में गुरुवार को विधिक साक्षरता शिविर आयोजित किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव नीलम वर्मा ने बंदियों को नशे के दुष्प्रभाव, कानूनी सहायता और मध्यस्थता प्रक्रिया की जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने कारागार का निरीक्षण कर बंदियों की समस्याएं सुनीं।

शिविर में नीलम वर्मा ने कहा कि नशे की लत शरीर और मानसिक स्वास्थ्य के साथ परिवार और सामाजिक जीवन को भी प्रभावित करती है। इससे बचने के लिए उचित उपचार, सहायता और परामर्श लेना जरूरी है। उन्होंने बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता की व्यवस्था के बारे में भी बताया।

उन्होंने मध्यस्थता अभियान और मध्यस्थता प्रक्रिया से होने वाले लाभ की जानकारी दी। बंदियों को बताया गया कि जरूरत के अनुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से निःशुल्क अधिवक्ता की सहायता ली जा सकती है।

जमानत के बाद जेल में रहने वालों की जुटेगी जानकारी

निरीक्षण के दौरान सचिव ने जेल अधिकारियों से ऐसे बंदियों की जानकारी मांगी, जिनकी जमानत मंजूर हो चुकी है, लेकिन जमानतदार उपलब्ध नहीं होने के कारण वे अभी जेल में हैं। ऐसे बंदियों की सूचना जमानत मंजूर होने के एक सप्ताह बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए, ताकि उनकी रिहाई के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

यह भी पढ़े :https://www.tamsasanket.com/satyam-tripathi-indian-navy-lieutenant/
उन्होंने बीएनएसएस की संबंधित व्यवस्था के तहत पात्र विचाराधीन बंदियों की जानकारी भी समय से उपलब्ध कराने को कहा। नए बंदियों ने मुकदमों की पैरवी के लिए निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराने की मांग की। इस पर जेलर को उनके आवेदन जल्द प्राधिकरण कार्यालय भेजने के निर्देश दिए गए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button