बारिश भी नहीं डिगा सकी हौसला, सड़क पर उतरीं आशा बहुएं

17 सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट घेरा

  • 17 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन
  • अकबरपुर-टांडा मार्ग पर लगाया जाम
  • बारिश में भी डटी रहीं आशा कार्यकर्ता

अंबेडकरनगर। मानदेय, कर्मचारी का दर्जा और सामाजिक सुरक्षा सहित 17 सूत्रीय मांगों को लेकर गुरुवार को जिले की आशा कार्यकर्ताओं का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। अखिल आशा कर्मचारी महासंघ के बैनर तले सैकड़ों आशा कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट के निकट डॉ. भीमराव अंबेडकर प्रतिमा परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। दोपहर बाद प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया और कार्यकर्ताओं ने अकबरपुर-टांडा मार्ग जाम कर दिया। इससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया।

जाम की सूचना पर कोतवाली अकबरपुर प्रभारी संतोष सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। काफी देर तक समझाने-बुझाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने सड़क खाली की, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका।
मूसलाधार बारिश में भी नहीं छोड़ा मोर्चा
धरना समाप्त होने के बाद आशा कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचीं, जहां जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपने के लिए उन्हें तेज बारिश के बीच लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। बारिश के बावजूद कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर डटी रहीं और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करती रहीं।
‘काम कई विभागों का, दर्जा अब भी नहीं’
महासंघ की जिलाध्यक्ष ऊषा पटेल ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं ने मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने, टीकाकरण, जनस्वास्थ्य और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके बावजूद उन्हें आज तक कर्मचारी का दर्जा और सम्मानजनक वेतन नहीं मिला। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अलावा महिला एवं बाल विकास, राजस्व और सामाजिक कल्याण सहित कई विभागों की जिम्मेदारियां भी आशा कार्यकर्ता निभा रही हैं।

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