अंबेडकरनगर। राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर में प्रवेश पाने के लिए कथित रूप से फर्जी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र लगाने का मामला सामने आया है। नीट-यूजी 2025 की काउंसलिंग प्रक्रिया के दौरान दस्तावेजों के सत्यापन में प्रमाण पत्र संदिग्ध पाए जाने पर जांच कराई गई, जिसमें दस्तावेज कूटरचित होने की पुष्टि हुई। इसके बाद आरोपी अभ्यर्थी के खिलाफ अलीगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
आरक्षण का लाभ लेने के लिए लगाया गया था प्रमाण पत्र
पुलिस के अनुसार आरोपी युवती हर्षिता रंजन, निवासी जवाहर नगर, बलिया ने नीट-यूजी 2025 की प्रथम चरण की काउंसलिंग में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित श्रेणी के तहत आरक्षण का लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया था। दस्तावेजों की जांच के दौरान इसकी सत्यता पर संदेह उत्पन्न हुआ, जिसके बाद मामला बलिया जिला प्रशासन को भेजा गया।
चार सदस्यीय जांच समिति ने खोला राज
प्रमाण पत्र की जांच के लिए बलिया में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति गठित की गई। समिति ने अभिलेखों और संबंधित दस्तावेजों की जांच के बाद अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें प्रमाण पत्र को फर्जी और कूटरचित बताया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि प्रमाण पत्र पर अंकित जिलाधिकारी के हस्ताक्षर और कार्यालय की मुहर वास्तविक नहीं थीं। साथ ही जिलाधिकारी कार्यालय से इस प्रकार का कोई प्रमाण पत्र जारी किए जाने का रिकॉर्ड भी नहीं मिला।
तहसीलदार की तहरीर पर दर्ज हुआ मुकदमा
बलिया सदर तहसील में तैनात तहसीलदार अतुल हर्ष श्रीवास्तव की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर अलीगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। प्रशासन का आरोप है कि फर्जी दस्तावेज के माध्यम से आरक्षण का अनुचित लाभ लेने का प्रयास किया गया।









