- यूजीसी योजना के तहत सामाजिक इंटर्नशिप
- स्वास्थ्य शिविरों में विद्यार्थियों ने दिया सहयोग
- परम पाठशाला में बच्चों को पढ़ाया
- तमसा स्वच्छता और वृक्षारोपण अभियान में भागीदारी
अंबेडकरनगर। तकनीकी एवं विभिन्न स्नातक पाठ्यक्रमों के प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की अनिवार्य सामाजिक सहभागिता योजना के तहत समाज सेवा का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया, जिसने शिक्षा को व्यवहारिक अनुभव से जोड़ने की नई मिसाल कायम की। परम फाउंडेशन ट्रस्ट के सहयोग से विद्यार्थियों ने स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय दिया।
अकबरपुर स्थित परम फाउंडेशन ट्रस्ट के निर्देशन में आयोजित इस सामाजिक इंटर्नशिप के दौरान विद्यार्थियों ने कक्षा की पढ़ाई से आगे बढ़कर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में समाज की वास्तविक जरूरतों को समझा तथा सेवा कार्यों में स्वयं को समर्पित किया।
स्वास्थ्य शिविरों में संभाली जिम्मेदारी
इंटर्नशिप के दौरान छात्रों ने विभिन्न स्वास्थ्य शिविरों में मरीजों के पंजीकरण, व्यवस्था संचालन, जागरूकता अभियान और चिकित्सा सेवाओं के समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने आमजन को स्वच्छता, स्वास्थ्य और रोगों से बचाव के प्रति जागरूक भी किया।
‘परम पाठशाला’ में बच्चों को दिया मार्गदर्शन
विद्यार्थियों ने ‘परम पाठशाला’ में बच्चों को पढ़ाने, उनका मार्गदर्शन करने और उन्हें शिक्षा के प्रति प्रेरित करने का कार्य भी किया। इसके अलावा तमसा नदी स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण, ‘परम प्याऊ’ के माध्यम से बेजुबान पशुओं की सेवा तथा वृद्धजनों के सहयोग जैसे सेवा कार्यों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।









