नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने देश की सीमाओं के पास स्थित महत्वपूर्ण ठिकानों और रणनीतिक संपत्तियों पर संभावित ड्रोन हमलों को लेकर चेतावनी जारी की है। जहाज और जलमार्ग मंत्रालय के समुद्री सुरक्षा विंग ने जमीन और समुद्री सीमाओं से जुड़े संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।
मंत्रालय की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य को देखते हुए सीमावर्ती ठिकानों को दुश्मन ड्रोन के खतरे से बचाने के लिए तत्काल ठोस कदम उठाने की जरूरत है। इसके तहत विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों पर आधुनिक एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
गृह मंत्रालय ने भी सीमा सुरक्षा बल (BSF) के तहत एक विशेष समिति का गठन किया है, जो भारत के लिए उपयुक्त एंटी-ड्रोन सिस्टम का परीक्षण और मूल्यांकन करेगी। सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान सीमा से सटे पंजाब के क्षेत्रों में इन प्रणालियों की तैनाती की तैयारी चल रही है और ट्रायल भी शुरू हो चुके हैं।
वहीं केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने DRDO, IB, AAI और BSF अधिकारियों के साथ संयुक्त टीम बनाई है। यह टीम देश के महत्वपूर्ण ठिकानों का निरीक्षण कर सुरक्षा जरूरतों का आकलन कर रही है। रिपोर्ट और गृह मंत्रालय की मंजूरी के बाद विभिन्न स्थानों पर उपयुक्त एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाए जाएंगे।
तमिलनाडु के थूथुकुडी स्थित वी.ओ. चिदंबरनार पोर्ट देश का पहला बंदरगाह बन गया है, जहां उन्नत एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाया गया है। यह प्रणाली संदिग्ध ड्रोन की पहचान करने के साथ उन्हें जाम करने में भी सक्षम है। सरकार का मानना है कि ऐसे कदम देश की हवाई और समुद्री सुरक्षा को और मजबूत करेंगे।









