- DUCSU के नए आर्काइव में जिन्ना की तीन तस्वीरें लगाई गई थीं
- छात्रों ने विरोध जताते हुए एक तस्वीर फाड़ दी
- छात्र नेता ने उसी जगह गुलाम आजम की तस्वीर लगा दी
ढाका। बांग्लादेश की ढाका यूनिवर्सिटी में पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीरें लगाए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। यूनिवर्सिटी के सेंट्रल स्टूडेंट्स यूनियन (DUCSU) के नए आर्काइव में जिन्ना की तीन तस्वीरें प्रदर्शित की गई थीं। तस्वीरें सामने आने के बाद कुछ छात्रों ने इसका विरोध किया और एक तस्वीर फाड़ दी।
इसके बाद छात्र फेडरेशन के एक नेता ने उसी जगह जमात-ए-इस्लामी के पूर्व प्रमुख गुलाम आजम की तस्वीर लगा दी। इससे विवाद और बढ़ गया।
1905 से 1971 तक का इतिहास दिखाने का दावा
DUCSU के नए सिरे से तैयार किए गए आर्काइव का उद्घाटन रविवार को किया गया था। इसमें 1905 से 1971 तक ढाका यूनिवर्सिटी के इतिहास से जुड़ी सामग्री और प्रमुख घटनाओं को प्रदर्शित किया गया है।
आर्काइव में जिन्ना से जुड़ी तीन तस्वीरें शामिल थीं। इनमें एक तस्वीर 1948 की थी, जिसमें जिन्ना ढाका के तत्कालीन रेसकोर्स ग्राउंड में उर्दू को पाकिस्तान की एकमात्र राज्य भाषा बनाने की बात कहते नजर आ रहे हैं।
लाहौर अधिवेशन और 1970 चुनाव की तस्वीर भी शामिल
आर्काइव में जिन्ना की दूसरी तस्वीर 1940 में ऑल इंडिया मुस्लिम लीग के लाहौर अधिवेशन से जुड़ी थी। तीसरी तस्वीर 1970 के चुनाव से संबंधित ‘डॉन’ अखबार की कटिंग थी।
DUCSU पदाधिकारियों का कहना है कि इन तस्वीरों को जिन्ना के सम्मान में नहीं लगाया गया था, बल्कि उस दौर के इतिहास और प्रमुख घटनाओं को सामने रखने के लिए प्रदर्शित किया गया था।









