पेरिस। फ्रांस में शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। सितंबर में शुरू हुआ यह विरोध अब देश के कई हिस्सों में फैल गया है। छात्र स्कूलों में बढ़ती भीड़, शिक्षकों की कमी, जर्जर इमारतों और पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिलने का विरोध कर रहे हैं।
पिछले एक सप्ताह में प्रदर्शनकारियों ने सैकड़ों स्कूलों को बंद कराया। कई जगह स्कूलों की नाकेबंदी की गई और छात्रों तथा पुलिस के बीच झड़पें भी हुईं। प्रदर्शन के दौरान हिंसा और पुलिस कार्रवाई को लेकर भी विवाद बढ़ गया है।
लेंस में धमाके में छात्र घायल
लेंस शहर में एक स्कूल के पास हुए धमाके में 15 साल के एक छात्र का हाथ उड़ गया। घायल छात्र को अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
इससे पहले पिछले सप्ताह 14 वर्षीय ईडन नाम के छात्र के सिर पर आंसू गैस का गोला लगने की खबर सामने आई थी। बताया गया कि उसके जबड़े में दो जगह फ्रैक्चर हुआ और उसे बड़ी सर्जरी करानी पड़ी।
190 छात्र घायल, 5,060 गिरफ्तार
प्रदर्शन के दौरान अब तक कम से कम 190 छात्रों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। वहीं, 5,060 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें करीब 87 फीसदी नाबालिग बताए गए हैं।
आंदोलन के दौरान कई जगह प्रदर्शनकारियों ने सड़कों और स्कूलों को बाधित किया। कुछ स्थानों पर कूड़ेदानों में आग लगाने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं भी सामने आई हैं।
मंगलवार को बड़े प्रदर्शन की तैयारी
मंगलवार को छात्रों के समर्थन में देशभर में बड़े प्रदर्शन की तैयारी है। प्रमुख छात्र संगठन यूनियन सिंडिकेल लिसेन ने लोगों से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है। शिक्षकों के संगठनों ने भी अपने सदस्यों से आंदोलन में भाग लेने को कहा है।
छात्रों का कहना है कि स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन उसके अनुपात में कक्षाएं, शिक्षक और दूसरी जरूरी सुविधाएं नहीं बढ़ाई गई हैं। उनका आरोप है कि इससे शिक्षा की गुणवत्ता और छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
प्रधानमंत्री ने सुधार का भरोसा दिया
फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबास्तियन लेकोर्नू ने छात्रों और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों की समस्याओं को दूर करने के लिए कुछ कदमों की घोषणा की है। उन्होंने स्कूलों में बदलाव और शिक्षा व्यवस्था में सुधार का भरोसा दिया है।
हालांकि, प्रदर्शन के दौरान हिंसा और तोड़फोड़ को लेकर प्रधानमंत्री ने सरकार के रुख को स्पष्ट करते हुए कहा है कि ऐसे मामलों में नरमी नहीं बरती जाएगी।
24 स्कूलों में आगजनी और तोड़फोड़
फ्रांस के शिक्षा मंत्री एडुआर जॉफ्रे के मुताबिक, आंदोलन शुरू होने के बाद से 24 स्कूलों को जला दिया गया या उनमें तोड़फोड़ की गई है। सरकार का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग और हिंसक गतिविधियों को अलग-अलग देखा जाना चाहिए।









