अम्बेडकरनगर। जिले में पशुपालकों की आय बढ़ाने और दुग्ध उत्पादन को मजबूत करने के उद्देश्य से नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना शुरू की गई है। योजना के तहत स्वदेशी उन्नत नस्ल की 10 गायों की इकाई स्थापित करने पर अधिकतम 11.80 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा।
योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। आवेदन की अंतिम तिथि 21 जुलाई निर्धारित की गई है।
गिर, साहिवाल और थारपारकर नस्ल पर जोर
योजना के अंतर्गत गिर, साहिवाल और थारपारकर नस्ल की गायों की इकाई स्थापित की जाएगी। एक इकाई की कुल अनुमानित लागत 23.60 लाख रुपये तय की गई है। इसमें लाभार्थी को 15 प्रतिशत अंशदान देना होगा, जबकि अधिकतम 50 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा।
शेष धनराशि बैंक ऋण या स्वयं के संसाधनों से पूरी की जा सकेगी।
भूमि और चारे की व्यवस्था अनिवार्य
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरविंद सिंह ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थी के पास लगभग 0.20 एकड़ भूमि और वर्षभर हरे चारे की व्यवस्था होना जरूरी है। इसके लिए शपथ पत्र भी देना होगा कि पशुओं के लिए नियमित चारा उपलब्ध रहेगा।
पहले लाभ ले चुके लोग अपात्र
डॉ. सिंह ने स्पष्ट किया कि जिन पशुपालकों ने पहले कामधेनु, मिनी कामधेनु, माइक्रो कामधेनु, नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना या मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना का लाभ लिया है, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
अधिकारियों के अनुसार यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और स्वरोजगार को मजबूत करने में मदद करेगी। इच्छुक पशुपालक नंद बाबा दुग्ध मिशन के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।









