नेपाल में भ्रष्टाचार खत्म करने और बेहतर शासन व्यवस्था की मांग को लेकर 8-9 सितंबर 2025 को हुए Gen-Z आंदोलन को एक साल पूरा हो गया है। आंदोलन के दौरान युवाओं ने शासन व्यवस्था में सुधार, भ्रष्टाचार पर लगाम और बेहतर रोजगार समेत कई मुद्दे उठाए थे।
आंदोलन के बाद सुशीला कार्की के नेतृत्व में अंतरिम सरकार का गठन हुआ था। इसके बाद बालेन के नेतृत्व वाली सरकार को भी करीब छह महीने पूरे हो चुके हैं। हालांकि, आंदोलन के दौरान उठाए गए कई प्रमुख मुद्दों पर अब तक ठोस प्रगति नहीं होने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
युवाओं पर दर्ज मुकदमे अब तक वापस नहीं
Gen-Z आंदोलन में शामिल युवाओं के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों को वापस लेने की मांग भी उठती रही है। इसके बावजूद कई युवाओं पर दर्ज मुकदमे अब तक वापस नहीं लिए गए हैं। इसे आंदोलन की प्रमुख मांगों में से एक माना जा रहा था।
शासन और चुनाव व्यवस्था में बदलाव की मांग
आंदोलन से जुड़े युवाओं की मांगों में नेपाल के संविधान और शासन व्यवस्था में बदलाव भी शामिल था। इसके साथ ही निर्वाचन प्रणाली में सुधार और Gen-Z युवा परिषद के गठन की मांग की गई थी।
आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई करने वालों के खिलाफ कदम उठाने और शहीद परिवारों को राहत देने की मांग भी की गई थी।
रोजगार और भ्रष्टाचार का मुद्दा भी कायम
युवाओं ने रोजगार के अवसर बढ़ाने और भ्रष्टाचार खत्म करने को लेकर भी आवाज उठाई थी। एक साल बाद भी इन मुद्दों को लेकर सरकार की गंभीरता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
आंदोलन के बाद सत्ता में बदलाव के बावजूद युवाओं की कई मांगें पूरी नहीं होने से Gen-Z आंदोलन के भविष्य और सरकार की जवाबदेही को लेकर चर्चा जारी है।









