
नई दिल्ली। भारतीय पर्यटकों की विदेश यात्रा की पसंद तेजी से बदल रही है। वित्त वर्ष 2025-26 में 40% से अधिक भारतीय यात्रियों ने छुट्टियां बिताने के लिए दक्षिण कोरिया, जापान, श्रीलंका, मिस्र और मालदीव जैसे नए पर्यटन स्थलों को चुना। हालांकि ब्रिटेन अब भी भारतीयों का पसंदीदा गंतव्य बना हुआ है, लेकिन उभरते देशों की ओर यात्रियों का रुझान सबसे तेज गति से बढ़ रहा है।
टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस के आंकड़ों के अनुसार, भारतीय यात्रियों की उम्र, यात्रा की पसंद और ट्रेवल इंश्योरेंस खरीदने के तरीके में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। खासकर दक्षिण-पूर्व एशिया जाने वाले यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है और कुल अंतरराष्ट्रीय यात्रियों में इस क्षेत्र की हिस्सेदारी 26% रही है।
ऑनलाइन ट्रेवल इंश्योरेंस का बढ़ा चलन
रिपोर्ट के मुताबिक, 50 वर्ष से कम उम्र के कामकाजी युवा पारंपरिक तरीकों की बजाय ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए टिकट बुकिंग और ट्रेवल इंश्योरेंस खरीदने को प्राथमिकता दे रहे हैं। ऑनलाइन ट्रेवल इंश्योरेंस खरीदने का चलन हर साल औसतन 10% की दर से बढ़ रहा है।
औसतन 24 दिन विदेश में बिताते हैं भारतीय
पिछले दो वर्षों में विदेश यात्रा की अवधि में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है। भारतीय पर्यटक औसतन 24 दिन विदेश में बिताते हैं। वहीं यूरोप और अमेरिका की यात्राएं सबसे लंबी रहती हैं, जहां लोग औसतन 32 दिन तक ठहरते हैं। दूसरी ओर, दक्षिण-पूर्व एशिया की यात्राएं औसतन 11 दिनों की होती हैं।
सीनियर सिटीजन भी बढ़-चढ़कर कर रहे विदेश यात्रा
टाटा एआईजी के वाइस प्रेसिडेंट चंद्रकांत सैद के अनुसार, छुट्टियों के व्यस्त सीजन में परिवारों, बुजुर्गों और पहली बार विदेश यात्रा करने वाले लोगों में ट्रेवल इंश्योरेंस लेने की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ी है। विदेश यात्रा करने वालों में 55 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की हिस्सेदारी बढ़कर 22% हो गई है।









