जलालपुर (अंबेडकरनगर)। सऊदी अरब के दम्मम में जान गंवाने वाले नगपुर निवासी नफीस अहमद का पार्थिव शरीर 21 अक्टूबर को लखनऊ पहुंचा। वहां से एंबुलेंस के जरिए शव पैतृक गांव लाया गया। उसी शाम स्थानीय कब्रिस्तान में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
नफीस के पार्थिव शरीर को भारत लाने की प्रक्रिया में परिवार को सामाजिक कार्यकर्ताओं की मदद मिली। परिजनों के अनुसार, नफीस के भाई वसी अहमद ने दूतावास के सामाजिक कार्यकर्ता नास शौकत अली से संपर्क किया था। इसके बाद नास शौकत अली ने उनकी मुलाकात सैयद आबिद हुसैन से कराई, जिन्हें ‘बजरंगी भाईजान’ के नाम से जाना जाता है।
परिवार के मुताबिक, आबिद हुसैन ने जरूरी दस्तावेज तैयार कराने और जमा करने में मदद की। वहीं, नास शौकत अली ने दम्मम में कागजी कार्रवाई पूरी कराने में सहयोग किया और परिवार को प्रक्रिया की जानकारी देते रहे।
नफीस के भाई वसी अहमद ने परिवार के साथ सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर सैयद आबिद हुसैन, नास शौकत अली, रियाद स्थित भारतीय दूतावास और सऊदी विदेश मंत्रालय के प्रति आभार जताया। परिवार ने कहा कि वीडियो साझा करने का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों तक ऐसी सहायता की जानकारी पहुंचाना है।









