लखनऊ। लखनऊ एयरपोर्ट परिसर में बने लेबर कैंप में मंगलवार सुबह करीब 6:30 बजे अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने तीन मंजिला बिल्डिंग के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। आग से उठता धुआं करीब दो किलोमीटर दूर से दिखाई दे रहा था। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की छह गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
हादसे में दो मजदूर घायल हुए हैं। एक मजदूर आग की चपेट में आने से झुलस गया, जबकि दूसरा जान बचाने के लिए दूसरी मंजिल से कूद गया, जिससे उसे चोटें आईं। दोनों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
टर्मिनल से 800 मीटर दूर था लेबर कैंप
जिस बिल्डिंग में आग लगी, वह एयरपोर्ट के टर्मिनल से करीब 800 मीटर की दूरी पर स्थित है। यह बिल्डिंग मजदूरों के अस्थायी आवास के लिए पीवीसी यानी प्लास्टिक सामग्री से तैयार की गई थी।
प्लास्टिक से बने अस्थायी ढांचे के कारण आग ने बहुत तेजी से विकराल रूप ले लिया। कुछ ही समय में बिल्डिंग के कई हिस्से आग की चपेट में आ गए। धुआं दूर तक दिखाई देने के कारण आसपास के इलाके में भी अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
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33 कमरों वाली बिल्डिंग, 17 कमरे जले
एयरपोर्ट परिसर में बनी इस तीन मंजिला बिल्डिंग में प्रत्येक मंजिल पर 11-11 कमरे थे। इस तरह बिल्डिंग में कुल 33 कमरे थे। आग की चपेट में आने से इनमें से 17 कमरे जल गए।
इस लेबर कैंप में करीब 300 मजदूर रहते हैं। ये सभी एयरपोर्ट परिसर में एक होटल के निर्माण कार्य से जुड़े हुए हैं। आग लगने के समय बड़ी संख्या में मजदूर कैंप में मौजूद थे, जिसके चलते बचाव और सुरक्षित निकासी भी महत्वपूर्ण चुनौती रही।









