देश के 7 IIT में SC-ST-OBC फैकल्टी सिर्फ 18%, आरक्षित पद 49.5%

RTI से मिली जानकारी में IIT खड़गपुर की स्थिति सबसे खराब; 781 फैकल्टी में आरक्षित वर्गों के सिर्फ 68 शिक्षक, प्रतिनिधित्व महज 8.7%

नई दिल्ली। देश के सात प्रमुख भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IIT) में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के शिक्षकों की संख्या कुल फैकल्टी के मुकाबले काफी कम है। एक RTI के जरिए सामने आई जानकारी के मुताबिक, इन संस्थानों में इन तीनों वर्गों की फैकल्टी का प्रतिनिधित्व केवल 18% है, जबकि इनके लिए कुल 49.5% पद आरक्षित हैं।

यह जानकारी IIT बॉम्बे के पूर्व छात्र प्रणव जीवन पी. को सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मिली है। आंकड़ों के अनुसार, सात IIT में आरक्षण के निर्धारित अनुपात और इन वर्गों की वास्तविक भागीदारी के बीच बड़ा अंतर दिखाई देता है।

IIT खड़गपुर में सबसे कम प्रतिनिधित्व

RTI से मिले आंकड़ों में IIT खड़गपुर की स्थिति सबसे खराब बताई गई है। संस्थान में कुल 781 फैकल्टी सदस्य हैं। इनमें SC, ST और OBC वर्गों के केवल 68 शिक्षक शामिल हैं। इस तरह इन वर्गों का प्रतिनिधित्व महज 8.7% है।

यह आंकड़ा आरक्षित वर्गों के लिए निर्धारित कुल 49.5% हिस्सेदारी से काफी कम है। इससे IIT जैसे प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों में फैकल्टी की नियुक्तियों और आरक्षित वर्गों की भागीदारी को लेकर सवाल उठते हैं।

फैकल्टी पदों पर कितना है आरक्षण?

केंद्रीय शैक्षणिक संस्थान (शिक्षक संवर्ग में आरक्षण) अधिनियम, 2019 के तहत केंद्रीय शैक्षणिक संस्थानों में फैकल्टी पदों के लिए आरक्षण का प्रावधान है। इसके अनुसार:

  • SC वर्ग के लिए 15% पद आरक्षित हैं।
  • ST वर्ग के लिए 7.5% पद आरक्षित हैं।
  • OBC वर्ग के लिए 27% पद आरक्षित हैं।

इन तीनों श्रेणियों को मिलाकर कुल आरक्षण 49.5% होता है। हालांकि, RTI से सामने आए आंकड़ों में इन वर्गों का वास्तविक प्रतिनिधित्व इससे काफी कम बताया गया है।

IIT बॉम्बे में छात्र की आत्महत्या के बाद उठा था जातिगत भेदभाव का मुद्दा

IIT में आरक्षित वर्गों के प्रतिनिधित्व का मुद्दा ऐसे समय में सामने आया है, जब संस्थानों में जातिगत भेदभाव को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। 18 सितंबर को IIT बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या के बाद संस्थान में जातिगत भेदभाव के आरोप लगे थे।

साहिल के पिता रवींद्र ने आरोप लगाया था कि उनके बेटे को संस्थान में बार-बार जातिगत भेदभाव का सामना करना पड़ा। इस घटना के बाद उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों के साथ होने वाले व्यवहार और सामाजिक पृष्ठभूमि के आधार पर भेदभाव के मुद्दे पर चर्चा हुई थी।

आरक्षण और वास्तविक प्रतिनिधित्व के बीच अंतर पर सवाल

RTI से सामने आए आंकड़े IIT जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में शिक्षकों की नियुक्ति और आरक्षित वर्गों की भागीदारी पर ध्यान खींचते हैं। एक ओर कानून में SC, ST और OBC के लिए कुल 49.5% आरक्षण का प्रावधान है, वहीं दूसरी ओर सात IIT में इन वर्गों की फैकल्टी का प्रतिनिधित्व केवल 18% बताया गया है।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी में सातों संस्थानों के अलग-अलग आंकड़े और नियुक्तियों की पूरी प्रक्रिया का विवरण नहीं दिया गया है। ऐसे में संस्थानवार स्थिति, रिक्त पदों और नियुक्तियों से जुड़ी जानकारी इस अंतर को समझने के लिए महत्वपूर्ण होगी।

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