आलापुर (अंबेडकरनगर)। क्षेत्र में बिजली कटौती का सिलसिला उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ा रहा है। दिन हो या रात, आपूर्ति बाधित होने पर लोगों को लंबे समय तक बिजली का इंतजार करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी गर्मी और उमस के बीच हो रही है।
बिजली कटते ही जब उपभोक्ता विभागीय कर्मचारियों से कारण पूछते हैं, तो उन्हें अक्सर एक ही जवाब मिलता है—‘मेन सप्लाई फेल है।’ स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह जवाब अब हर तरह की बिजली खराबी के लिए दिया जा रहा है। ट्रांसफार्मर में खराबी हो, जम्पर उड़ने का मामला हो या स्थानीय लाइन में फाल्ट, उपभोक्ताओं को वास्तविक स्थिति की जानकारी नहीं मिलती।
फाल्ट कहां है, कब आएगी बिजली… जवाब नहीं
उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली बंद होने के बाद सबसे बड़ी समस्या यह रहती है कि आपूर्ति बहाल होने का अनुमान भी नहीं बताया जाता। इससे लोग जरूरी कामों की योजना नहीं बना पाते। घरों के साथ दुकानों और छोटे कारोबार पर भी इसका असर पड़ता है।
स्थानीय लोगों ने विभाग से बिजली कटौती और फाल्ट की सही जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है। उनका कहना है कि खराबी होने पर उसे जल्द ठीक कराया जाए और उपभोक्ताओं को केवल एक तय जवाब देकर न टाला जाए।
बिल समय पर, तो आपूर्ति की जवाबदेही भी
उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली का बिल नियमित रूप से लिया जाता है। ऐसे में आपूर्ति व्यवस्था को लेकर विभाग की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। लोगों ने उच्चाधिकारियों से आलापुर क्षेत्र की बिजली व्यवस्था की निगरानी कराकर समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।









