अंबेडकरनगर। एससी-एसटी एक्ट के मामले में यादवपुर के ग्राम प्रधान अमित पांडेय को अदालत से राहत मिली है। विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट चिंताराम ने उनकी जमानत अर्जी स्वीकार कर ली। अदालत ने यह भी पाया कि अंतरिम जमानत के दौरान अभियुक्त ने उसका दुरुपयोग नहीं किया था।
अभियोजन के मुताबिक, टांडा क्षेत्र के दसवां चौराहे पर मछली की दुकान लगाने वाले फेंकूराम ने शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि 13 मार्च 2025 को उनकी दुकान की मड़ई और छप्पर जला दिया गया। इसके बाद 19 मार्च को जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर गाली देने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया गया। शिकायत के आधार पर इब्राहिमपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
बचाव पक्ष ने रंजिश में फंसाने की दी दलील
जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने आरोपों को निराधार बताया। अधिवक्ता की ओर से दलील दी गई कि रंजिश के कारण ग्राम प्रधान को मामले में फंसाया गया है। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि इसी शिकायतकर्ता से जुड़े एक अन्य मामले में विवेचना के बाद अंतिम रिपोर्ट दाखिल की जा चुकी है।
अंतरिम जमानत के दुरुपयोग का मामला नहीं मिला
अदालत ने मामले की पत्रावली का अवलोकन किया और दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। इस दौरान पाया कि अभियुक्त अंतरिम जमानत पर था और उसने उसका दुरुपयोग नहीं किया था। इसके बाद अदालत ने मामले के गुण-दोष पर विचार किए बिना जमानत अर्जी स्वीकार कर ली।









