- जनसंख्या, सामाजिक स्थिति और स्थानीय निकायों में प्रतिनिधित्व पर हुई विस्तृत समीक्षा
- स्थानीय निकायों में ओबीसी आरक्षण पर हुई बैठक
- जनसंख्या और प्रतिनिधित्व के आंकड़ों की समीक्षा
- जनप्रतिनिधियों से लिए गए सुझाव
- तथ्यात्मक अध्ययन के बाद शासन को भेजी जाएगी रिपोर्ट
अंबेडकरनगर। स्थानीय निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के आरक्षण को लेकर उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग ने बुधवार को अंबेडकरनगर में समीक्षा बैठक की। सर्किट हाउस सभागार में आयोजित बैठक में आयोग ने जिले में पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या, सामाजिक स्थिति और स्थानीय निकायों में उनके प्रतिनिधित्व से जुड़े आंकड़ों की समीक्षा की। साथ ही जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से विस्तृत जानकारी लेकर सुझाव भी दर्ज किए।
बैठक की अध्यक्षता आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति राम औतार सिंह ने की। आयोग के सदस्यों, जिला प्रशासन, पंचायत विभाग के अधिकारियों, जिला पंचायत सदस्यों, ग्राम पंचायतों के प्रशासकों, बीडीसी सदस्यों और सभी विकास खंडों के अधिकारियों ने बैठक में हिस्सा लिया।
जिले की सामाजिक और जनसंख्या स्थिति पर रहा फोकस
बैठक के दौरान आयोग ने जनपद में अन्य पिछड़ा वर्ग की आबादी, सामाजिक स्थिति, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और पिछड़ेपन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। अधिकारियों की ओर से प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार अंबेडकरनगर की कुल जनसंख्या 20,38,840 है। इनमें अन्य पिछड़ा वर्ग की आबादी 11,23,445 है, जो कुल आबादी का करीब 55 प्रतिशत है। अनुसूचित जाति की जनसंख्या 5,44,251 और अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या 659 दर्ज की गई।
आयोग ने इन आंकड़ों के आधार पर स्थानीय निकायों में पिछड़ा वर्ग की भागीदारी और वर्तमान स्थिति का आकलन किया।









