अंबेडकरनगर। जिले में संचालित कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी के संचालन को व्यवस्थित बनाने की दिशा में प्रशासन ने नई पहल की है। बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित उन्मुखीकरण कार्यशाला में कोचिंग और लाइब्रेरी संचालकों को पंजीकरण, सुरक्षा मानकों और शासन की गाइडलाइन की विस्तार से जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ईशा प्रिया ने स्पष्ट किया कि शासन का उद्देश्य संस्थानों पर दंडात्मक कार्रवाई करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करना है।
छात्र संख्या के आधार पर तय होगा पंजीकरण शुल्क
कार्यशाला में बताया गया कि अब कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण छात्र संख्या के आधार पर होगा। एक से 10 विद्यार्थियों तक 250 रुपये, 11 से 20 तक 1000 रुपये, 21 से 40 तक 4000 रुपये, 41 से 50 तक 5000 रुपये, 51 से 100 तक 10 हजार रुपये, 100 से 200 तक 20 हजार रुपये तथा 200 से अधिक विद्यार्थियों वाले संस्थानों के लिए 25 हजार रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। पंजीकरण की वैधता तीन वर्ष होगी। इसके नवीनीकरण के लिए निर्धारित अवधि समाप्त होने से दो माह पहले आवेदन करना होगा। यदि किसी संस्थान की एक से अधिक शाखाएं हैं तो प्रत्येक शाखा का अलग पंजीकरण अनिवार्य रहेगा।
बेसमेंट में कोचिंग संचालन पर स्पष्ट रोक
जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी कोचिंग संस्थान का संचालन बेसमेंट में नहीं किया जाएगा। जो संस्थान वर्तमान में बेसमेंट में चल रहे हैं, उन्हें अन्य भवनों में स्थानांतरित करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि आवासीय भवन में संचालित कोचिंग संस्थान नियमानुसार इंपैक्ट फीस जमा कर व्यावसायिक उपयोग के लिए आवश्यक स्वीकृति प्राप्त करें।









