अंबेडकरनगर। जिले में खरीफ सीजन के दौरान किसानों को खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए बुधवार को जिलाधिकारी ईशा प्रिया ने उर्वरकों की समीक्षा बैठक की। बैठक में थोक उर्वरक विक्रेताओं और विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों को निर्देश दिए गए कि सभी खुदरा उर्वरक विक्रेताओं को यूरिया, डीएपी और एनपीके की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार जिले में वर्तमान समय में 913 केंद्रों पर यूरिया, 262 केंद्रों पर डीएपी, 269 केंद्रों पर एनपीके और 838 केंद्रों पर एसएसपी उपलब्ध है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जिले में यूरिया और फॉस्फेटिक उर्वरकों का पर्याप्त भंडार मौजूद है।
जुलाई तक लक्ष्य से अधिक हुई खाद की उपलब्धता
समीक्षा के दौरान बताया गया कि जुलाई माह तक जिले में उर्वरकों की उपलब्धता निर्धारित लक्ष्य से अधिक रही। आंकड़ों के अनुसार यूरिया के 25,115 मीट्रिक टन के लक्ष्य के मुकाबले 29,310 मीट्रिक टन, डीएपी के 4,914 मीट्रिक टन के लक्ष्य के मुकाबले 6,037 मीट्रिक टन, एनपीके के 1,146 मीट्रिक टन के लक्ष्य के मुकाबले 3,770 मीट्रिक टन तथा एसएसपी के 10,325 मीट्रिक टन के लक्ष्य के मुकाबले 17,409 मीट्रिक टन की उपलब्धता दर्ज की गई। वहीं एमओपी के 484 मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष 154 मीट्रिक टन उपलब्ध हुआ।
वितरण के बाद वर्तमान में जिले में 22,457 मीट्रिक टन यूरिया, 3,910 मीट्रिक टन डीएपी, 3,054 मीट्रिक टन एनपीके, 15,069 मीट्रिक टन एसएसपी और 119 मीट्रिक टन एमओपी सहकारिता और निजी क्षेत्र में उपलब्ध है।
फार्मर रजिस्ट्री के बिना नहीं मिलेगा उर्वरक
जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि उर्वरक प्राप्त करने के लिए फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य है। इसलिए किसान खाद खरीदने से पहले अपनी फार्मर रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि वितरण के समय किसी प्रकार की दिक्कत न हो।









