पुणे। केतन अग्रवाल मर्डर केस में एक नया दावा सामने आया है, जिसने मामले को और पेचीदा बना दिया है। केतन के शव को रेस्क्यू करने वाले सुनील गायकवाड़ ने बताया कि जब शव मिला तो उसके सिर पर गंभीर चोटें थीं, खोपड़ी कुचली हुई थी और हाथ-पैरों पर भी कई गंभीर चोटों के निशान थे।
सुनील के अनुसार, घटना स्थल पर मौजूद सिया गोयल का व्यवहार सामान्य था, जबकि अन्य लोग रो रहे थे और मदद के लिए चिल्ला रहे थे। उन्होंने बताया कि शव को जंगल के रास्ते बाहर निकाला गया और पुलिस को 18 जून की सुबह करीब 10:30 बजे घटना की सूचना मिली थी। रेस्क्यू अभियान दोपहर 12:30 बजे तक चला और लगभग 1:30 बजे शव एंबुलेंस में पहुंचाया गया।
इस बीच पुणे पुलिस ने सिया गोयल के भाई साहिल गोयल से करीब 10 घंटे तक पूछताछ की है। पुलिस का कहना है कि साहिल, चेतन चौधरी को जानता है और दोनों की पहचान क्रिकेट मैच के दौरान हुई थी। मामले में आज सिया गोयल के माता-पिता से भी पूछताछ की जा रही है।
मृतक के पिता विशाल अग्रवाल ने कहा कि घटना वाले दिन ही परिवार को सिया पर शक हो गया था। उनके अनुसार, मौके पर मौजूद महिला पुलिसकर्मी द्वारा केतन के जीवित होने की बात कहने पर सिया के हावभाव अचानक बदल गए थे और वह सवालों के जवाब देने से बचने लगी थी।
परिवार का कहना है कि 18 जून को सिया की मां का फोन आया था कि केतन लोहगढ़ किले से गिर गया है। जब परिवार मौके पर पहुंचा तो केतन खाई से निकाला जा चुका था और उसका चेहरा ढका हुआ था, जिसे बाद में पहचान के लिए खोला गया।









