नई दिल्ली। साल 2008 में जब पूरी दुनिया आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रही थी, तब अमेरिकी शेयर बाजार क्रैश हो चुका था और अरबों डॉलर की कंपनियां बंद होने की कगार पर थीं। उसी समय Elon Musk अपने जीवन के सबसे बड़े जोखिमों में से एक से गुजर रहे थे।
उस दौर में उनकी रॉकेट कंपनी SpaceX के तीन लॉन्च लगातार असफल हो चुके थे, जबकि उनकी इलेक्ट्रिक कार कंपनी Tesla भी गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रही थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मस्क ने अपने पास बचा लगभग पूरा पैसा अंतिम रॉकेट लॉन्च में लगा दिया था। यदि यह प्रयास विफल होता, तो वह पूरी तरह दिवालिया हो सकते थे।
उनकी पूर्व पत्नी तालुलाह राइली के हवाले से बताया जाता है कि उस समय मस्क मानसिक रूप से बेहद तनाव में थे और खुद से बातें करते हुए तेज आवाज में प्रतिक्रिया देते थे, जिससे उनके करीबी भी चिंतित हो जाते थे।
लेकिन आज यही संघर्ष एक ऐतिहासिक सफलता में बदल गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, स्पेसएक्स के आईपीओ के बाद मस्क दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर बन गए हैं, और उनकी कुल संपत्ति लगभग 94 लाख करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। यह दिन इसलिए भी खास है क्योंकि आज, 28 जून 2026 को, मस्क 55 साल के हो गए हैं।









