अम्बेडकरनगर। जलालपुर क्षेत्र के कटघर कमाल गांव में बुधवार को 22वीं मोहर्रम के अवसर पर शोहदाए कर्बला का वार्षिक जुलूस निकाला गया। अंजुमन सफीरे नासेरुल अजा के नेतृत्व में हुए इस आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। जुलूस के दौरान विभिन्न अंजुमनों ने नौहाख्वानी और सीनाजनी कर कर्बला के शहीदों को याद किया।
मजलिस से शुरू हुआ आयोजन, उलेमा ने रखे विचार
जुलूस से पहले आयोजित मजलिस में मौलाना सैयद शाहिद कमाल ने कर्बला की घटना पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत से जुड़े पहलुओं को सामने रखा। इसके बाद जुलूस निर्धारित मार्गों से होते हुए आगे बढ़ा।
अमेठी से मुजफ्फरनगर तक की अंजुमनों ने लिया हिस्सा
वार्षिक जुलूस में स्थानीय अंजुमनों के साथ कई जिलों से आई अंजुमनों ने भी सहभागिता की। अंजुमन सिपाहे हुसैनी अमेठी, यादगारे हुसैनी बरेली, दुआ-ए-ज़हरा मुजफ्फरनगर, अंजुमन हुसैनिया जलालपुर, अंजुमन सफीरे नासेरुल अजा और मोइनुल अज़ा दाउदपुर के सदस्यों ने नौहाख्वानी कर कर्बला के शहीदों को याद किया।
तकरीर में बताए गए कर्बला की घटना के विभिन्न पहलू
आयोजन के दौरान दिल्ली से आए मौलाना नामदार अब्बास, मौलाना नवेद आब्दी, मौलाना आबिद रिजवी और मौलाना आदिल अब्बास ने तकरीर की। स्थानीय उलेमा मौलाना मोहम्मद मशरेकैन और मौलाना हेलाल अब्बास ने भी कर्बला की घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन मीर तालिब अब्बास ने किया।









