अम्बेडकरनगर। मरीजों की जिंदगी बचाने की जिम्मेदारी निभाने वाले चिकित्सकों के सम्मान में बुधवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज के सरदार वल्लभभाई पटेल प्रेक्षागृह में राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस का भव्य आयोजन हुआ। समारोह में चिकित्सा सेवा, मेडिकल शिक्षा और आधुनिक तकनीक के बदलते स्वरूप पर विस्तृत चर्चा हुई। साथ ही विभिन्न विभागों के उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सकों और चिकित्सा शिक्षकों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पी. एन. यादव, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामानंद सिद्धार्थ, एनटीपीसी अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनीषा पांडेय सहित मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ चिकित्सक, शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलन, चिकित्सक दिवस के जनक डॉ. बी. एन. राय के चित्र पर माल्यार्पण और सरस्वती वंदना के साथ हुआ।
‘स्वस्थ डॉक्टर ही दे सकता है बेहतर इलाज’
मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. मुकेश यादव ने कहा कि चिकित्सकों का स्वास्थ्य भी उतना ही महत्वपूर्ण है, जितना मरीजों का। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ते कार्यभार के बीच मानसिक और शारीरिक संतुलन बनाए रखना चिकित्सा सेवा की गुणवत्ता के लिए आवश्यक है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि आज चिकित्सकों के सामने केवल उपचार की जिम्मेदारी ही नहीं, बल्कि कानूनी, सामाजिक और व्यावसायिक चुनौतियां भी लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में चिकित्सकों को अपने स्वास्थ्य और पेशेवर संतुलन पर विशेष ध्यान देना होगा।









