अंबेडकरनगर। रविवार की सुबह अंबेडकरनगर में खेल और अनुशासन का अनूठा संगम देखने को मिला। क्रीड़ा भारती के तत्वावधान में आयोजित ‘रन फॉर राम’ प्रतियोगिता में जिले समेत पूर्वांचल के कई जनपदों से पहुंचे धावकों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में युवाओं, किशोरों और बालिकाओं की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को खास बना दिया।
फव्वारा तिराहा पर भगवान श्रीराम के पूजन के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक कौशल ने हरी झंडी दिखाकर दौड़ को रवाना किया। इसके साथ ही शहर की सड़कों पर धावकों का जोश और ऊर्जा देखने लायक रही।
बालक वर्ग ने पांच, बालिका वर्ग ने तीन किलोमीटर की दौड़ पूरी
बालक वर्ग के प्रतिभागियों ने राम पथ चौराहा से मालीपुर रोड स्थित संगिनी मैरिज हाल तक जाकर वापस लौटते हुए करीब पांच किलोमीटर की दूरी तय की। वहीं बालिका वर्ग की प्रतिभागियों ने तीन किलोमीटर की दौड़ पूरी कर अपनी फिटनेस और प्रतिभा का परिचय दिया। पूरे मार्ग पर व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की गई थीं, जिससे प्रतियोगिता सुचारु रूप से संपन्न हुई।
खेल को जीवनशैली बनाने पर दिया गया जोर
समापन समारोह में प्रांत प्रचारक कौशल ने कहा कि स्वस्थ शरीर किसी भी समाज की सबसे बड़ी ताकत है। नियमित व्यायाम और खेल गतिविधियां बेहतर जीवनशैली की आधारशिला हैं। उन्होंने क्रीड़ा भारती की जिला इकाई के प्रयासों की सराहना करते हुए अंबेडकरनगर में जल्द सप्ताहभर के खेल महोत्सव के आयोजन की घोषणा भी की।
क्रीड़ा भारती के प्रदेश अध्यक्ष एवं विधान परिषद सदस्य अवनीश कुमार सिंह ने कहा कि अयोध्या से शुरू हुआ ‘रन फॉर राम’ अब लगातार विस्तार पा रहा है। यह आयोजन भगवान श्रीराम से जुड़े विभिन्न स्थानों तक पहुंच चुका है और इसे आगे व्यापक स्तर पर आयोजित करने की योजना है।








