- पहला निजी ऑर्बिटल रॉकेट सफल
- श्रीहरिकोटा से हुआ प्रक्षेपण
- 450 किमी की कक्षा तक पहुंचा
- पीएम मोदी ने दी बधाई
- मिशन में तकनीकी और आर्ट पेलोड शामिल
श्रीहरिकोटा। भारत ने निजी अंतरिक्ष क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। हैदराबाद की कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस ने शनिवार को देश का पहला निजी ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-1 सफलतापूर्वक लॉन्च किया। यह मिशन पहले ही प्रयास में सफल रहा। रॉकेट का निर्माण और लॉन्चिंग स्काईरूट ने स्वयं की, जबकि लॉन्चपैड इसरो के सतीश धवन स्पेस सेंटर का इस्तेमाल किया गया।
आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर से दोपहर 12:05 बजे रॉकेट का प्रक्षेपण किया गया। निर्धारित समय से कुछ मिनट पहले काउंटडाउन तकनीकी कारणों से रोका गया था, लेकिन जांच के बाद दोबारा शुरू कर सफल लॉन्च किया गया।
विक्रम-1 पृथ्वी की करीब 450 किलोमीटर ऊंचाई वाली निचली सर्कुलर कक्षा तक पहुंच गया। इससे पहले स्काईरूट ने वर्ष 2022 में विक्रम-एस सबऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च किया था, जिसने 89.5 किलोमीटर की ऊंचाई हासिल की थी।
इस मिशन को ‘मिशन आगमन’ नाम दिया गया। इसके जरिए कई तकनीकी और व्यावसायिक पेलोड अंतरिक्ष में भेजे गए। इनमें ग्रह स्पेस, कॉस्मोसर्व स्पेस, डीक्यूब्ड और स्काईरूट का इन-हाउस पेलोड शामिल है।
रॉकेट के साथ 18 कैरेट सोने से बना एक माइक्रो आर्ट पीस भी अंतरिक्ष में भेजा गया। इस कलाकृति पर वैज्ञानिक सी. वी. रमन, डॉ. विक्रम साराभाई और डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम की सूक्ष्म आकृतियां उकेरी गई हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हस्तलिखित ‘वंदे मातरम’ वाला पोस्टकार्ड भी मिशन का हिस्सा रहा।
सफल लॉन्च के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्काईरूट एयरोस्पेस के संस्थापक पवन कुमार चंदना को फोन कर बधाई दी।









