- संसद भवन के पास प्रदर्शनकारियों ने घुसने की कोशिश की
- पुलिस ने आंसू गैस छोड़कर भीड़ को तितर-बितर किया
- संसद की सुरक्षा बढ़ाई गई, मुख्य द्वार बंद किया गया
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान सोमवार को संसद भवन के आसपास प्रदर्शनकारियों के पहुंचने से सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर बढ़ने और बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और भीड़ को तितर-बितर कर दिया। एहतियात के तौर पर संसद के मुख्य द्वार को बंद कर दिया गया। उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित सभी सांसद संसद भवन के भीतर मौजूद थे।
सुबह के समय कुछ प्रदर्शनकारी राजीव चौक और मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन तक पहुंच गए। वहीं कई लोग बैरिकेडिंग तोड़कर पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के पास तक पहुंच गए, जहां पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
इसी बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ बातचीत जारी है और इसी को देखते हुए फिलहाल आंदोलन और विरोध मार्च को स्थगित किया जा रहा है। उन्होंने समर्थकों से भी शांति बनाए रखने और आंदोलन को अस्थायी रूप से रोकने की अपील की।
उधर, CJP के प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। वहीं सोनम वांगचुक ने अस्पताल प्रशासन को पत्र लिखकर संसद मार्च में शामिल होने के लिए डिस्चार्ज करने का अनुरोध किया है।









