- अमेरिका ने सैन्य ठिकानों पर हमला किया
- ईरान का जवाबी मिसाइल हमला
- बहरीन और कुवैत में अलर्ट
- तेल-गैस निर्यात रोकने की चेतावनी
- क्षेत्र में बढ़ा सैन्य तनाव
वॉशिंगटन/तेहरान। अमेरिका ने गुरुवार तड़के ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, हमलों में मिसाइल लॉन्च साइट, रक्षा ठिकानों और सिस्तान-बलूचिस्तान स्थित 388वीं ब्रिगेड की बैरक को निशाना बनाया गया।
इसके जवाब में ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले करने का दावा किया। बहरीन और कुवैत में मिसाइल अलर्ट जारी किया गया, जबकि जॉर्डन ने आठ ईरानी मिसाइलों को मार गिराने की जानकारी दी।
ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि यदि अमेरिका पीछे नहीं हटता है तो ईरान बड़े सैन्य टकराव के लिए तैयार है। वहीं, रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर मध्य-पूर्व से तेल और गैस के निर्यात को भी रोका जा सकता है।
इस बीच तनाव के चलते कई शिपिंग कंपनियां होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाज भेजने से बच रही हैं। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने हालिया अमेरिकी हमलों में 35 से अधिक लोगों के मारे जाने का दावा किया है। वहीं, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के अमेरिका दौरे और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के कतर पहुंचने से कूटनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं।
ओमान के तट के पास कारोबारी जहाज पर हुए हमले के बाद लापता एक भारतीय नाविक की मौत की भी पुष्टि हुई है।









