अंबेडकरनगर। जिले के जहांगीरगंज क्षेत्र के सुतहरपारा गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई विवादों के घेरे में आ गई है। राजस्व विभाग की टीम पर आरोप है कि सरकारी भूमि से अवैध कब्जा हटाने के बजाय दूसरे व्यक्ति की दीवार गिरा दी गई। घटना के बाद ग्रामीणों ने कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। वहीं प्रशासन ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है।
सरकारी खलिहान की भूमि पर कब्जे की शिकायत से शुरू हुआ मामला
भाजपा उत्तर प्रदेश कार्य समिति (अनुसूचित मोर्चा) के सदस्य हरीकिशोर चौधरी ने अपर आयुक्त, अयोध्या मंडल को प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की थी कि सुतहरपारा गांव का एक हिस्ट्रीशीटर सरकारी खलिहान की भूमि पर लंबे समय से अवैध कब्जा कर मकान बनाकर रह रहा है।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया कि संबंधित व्यक्ति पर राजस्व विभाग की ओर से लाखों रुपये का जुर्माना लगाया गया था, लेकिन उसकी वसूली अब तक नहीं हो सकी।
कार्रवाई हुई, लेकिन निशाने पर आ गई पूरी टीम
शिकायत के बाद अपर आयुक्त के निर्देश पर आलापुर के उपजिलाधिकारी ने अतिक्रमण हटाने के लिए राजस्व विभाग की टीम गठित की। टीम ने गांव पहुंचकर कार्रवाई शुरू की, लेकिन इसके बाद पूरा मामला विवादों में घिर गया।
आरोप है कि टीम ने वास्तविक कब्जाधारी के निर्माण को नहीं हटाया, बल्कि कँवलपत्ती नामक व्यक्ति की दीवार गिरा दी। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि मौके का सही निरीक्षण किए बिना कार्रवाई की गई, जिससे गलत व्यक्ति को नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस कार्रवाई से वास्तविक अतिक्रमणकारी को लाभ पहुंचा।









