लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के एक मरीज को प्राइवेट अस्पताल ले जाकर ऑपरेशन कराने के आरोप में रेजिडेंट डॉक्टर के खिलाफ जांच पूरी हो गई है। जांच में सामने आया है कि संबंधित डॉक्टर ने KGMU से अपनी पढ़ाई पूरी कर ली है और बॉन्ड के तहत लोहिया संस्थान में उसकी तैनाती हुई है। KGMU प्रशासन ने मामले में शासन स्तर पर कार्रवाई की बात कही है।
इसके साथ ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय ने भी निजी अस्पताल के खिलाफ अलग से जांच बैठाने का दावा किया है।
पूरा मामला अंबेडकरनगर निवासी विनय दुबे से जुड़ा है, जिन्होंने 6 जून को अपनी पत्नी कमलेश देवी को KGMU में भर्ती कराया था। आरोप है कि डॉक्टर अमित ने बेहतर इलाज का झांसा देकर उन्हें कृष्णानगर स्थित एसवीएम हॉस्पिटल में भर्ती कराया, जहां लगभग 45 हजार रुपये लिए गए। वहीं आरोप है कि इसी अस्पताल में कमलेश देवी का ऑपरेशन किया गया और उन्हें खून भी चढ़ाया गया।
परिजनों का आरोप है कि मरीज का ब्लड ग्रुप बी पॉजिटिव था, लेकिन गलत ब्लड चढ़ा दिया गया, जिससे उनकी हालत बिगड़ गई। स्थिति गंभीर होने पर 16 जून को उन्हें दोबारा KGMU में भर्ती कराया गया, जहां 20 जून की शाम उनकी मौत हो गई।
KGMU प्रवक्ता डॉ. केके सिंह के अनुसार, जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि डॉक्टर अमित संस्थान से अपनी पढ़ाई पूरी कर चुका है। मामले में अब शासन से उसके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।









