कानपुर। शहर के रामबाग क्षेत्र में बने सुलभ शौचालय का उद्घाटन विकास कार्य से अधिक शिलापट्ट पर दर्ज नामों को लेकर चर्चा का विषय बन गया है। सपा विधायक नसीम सोलंकी का नाम शिलापट्ट पर न होने से शुरू हुआ विवाद तीन दिनों तक चलता रहा और अंततः नगर निगम को हस्तक्षेप कर नया शिलापट्ट लगवाना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, सुलभ शौचालय के निर्माण के बाद लगाए गए पहले शिलापट्ट में सीसामऊ विधानसभा क्षेत्र की विधायक नसीम सोलंकी का नाम शामिल नहीं था। इसे लेकर उन्होंने शासनादेश का पालन न किए जाने का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई थी। विधायक ने सवाल उठाया था कि जब चुनाव हार चुके प्रत्याशी का नाम शिलापट्ट पर दर्ज किया जा सकता है, तो क्षेत्र की निर्वाचित विधायक का नाम क्यों नहीं जोड़ा गया।
विवाद बढ़ने के बाद 24 घंटे के भीतर दूसरा शिलापट्ट लगाया गया। हालांकि एक ही परियोजना पर दो अलग-अलग शिलापट्ट लगाए जाने से मामला और चर्चा में आ गया। इसके बाद नगर निगम ने हस्तक्षेप करते हुए पहले लगाए गए शिलापट्ट को हटवाया और नया शिलापट्ट स्थापित कराया।
अंतिम रूप से लगाए गए शिलापट्ट में विधायक नसीम सोलंकी के साथ भाजपा के सीसामऊ विधानसभा क्षेत्र से पूर्व प्रत्याशी और भाजपा के पूर्व प्रदेश महामंत्री सुरेश अवस्थी का नाम भी शामिल किया गया है। इस पूरे घटनाक्रम ने शहर में राजनीतिक हलकों के साथ आम लोगों के बीच भी चर्चा को जन्म दे दिया है।









