क्या अब भी ग्रामीणों को मिलेगा मजबूत रास्ता या फिर एक और धोखा?
मरम्मत के नाम पर मज़ाक, सड़क बनी खतरे की घंटी सिर्फ 800 मीटर का मरम्मत कार्य, बाक़ी सड़क को किया गया नज़रअंदाज़ कागज़ पर लाखों की लागत, ज़मीन पर धूल…
मरम्मत के नाम पर मज़ाक, सड़क बनी खतरे की घंटी सिर्फ 800 मीटर का मरम्मत कार्य, बाक़ी सड़क को किया गया नज़रअंदाज़ कागज़ पर लाखों की लागत, ज़मीन पर धूल…
